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लखनऊ में एटीएस ने पकड़ा आतंकियों का मददगार, मोहल्ले वालों ने किया मीडिया पर हमला, खतरे में दिल्ली

Writer's picture: statetodaytvstatetodaytv


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वजीरगंज इलाके में एटीएस ने शकील नाम व्यक्ति को हिरासत में लिया है। आतंकी मिन्हाज से मिली लीड के बाद शकील को पकड़ा गया है। शकील ई-रिक्शा चलाता है और लगातार मिन्हाज के संपर्क में था। करीब एक साल से शकील और मिन्हाज की बातचीत हो रही थी।


एटीएस बीते तीन दिनों से शकील की तलाश में थी। लखनऊ के कई इलाकों में दबिश देने के बाद शकील की लोकेशन बुधवार को वजीरगंज इलाके में मिली। पेशे से ई रिक्शा चालक शकील को एटीएस की टीम ने बुद्धा पार्क के पास दबोच लिया। एटीएस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और सीधे मुख्यालय लेकर चली गई। एटीएस की एक टीम उसके मोबाइल की डिटेल खंगाल रही है।


उपद्रव पर आमादा मुस्लिम आबादी


जैसे ही एटीएस ने लखनऊ में बुद्धा पार्क के पास शकील को पकड़ा उसके बाद मुस्लिम आबादी शर्म के बजाय उपद्रव पर आमादा हो गई। आतंकियों और आतंकियों के मददगारों की मदद अब उनके आस पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम कर रहे हैं।


घटना की कवरेज करने गए मीडिया कर्मियों के साथ ई-रिक्शा चालक के परिवारीजनों और पड़ोसियों के साथ हाथापाई भी की और उनका कैमरा तोड़ दिया।


शकील के घरवालों और पड़ोसियों ने कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों से फोटो खींचने पर जमकर हाथापाई की। कैमरा तोड़ा और जमकर हंगामा किया। वहीं हालात संभालने मौके पर वजीरगंज पुलिस भी पहुंची। आतंकियों के मददगार शकील चार भाई है। दो साल पहले शकील की शादी हुई थी।



क्या है मामला


आपको याद दिला दें कि दुबग्गा बेगरिया स्थित एक घर में एटीएस ने रविवार 11 जुलाई को गोपनीय तरीके से आतंकियों के ठिकाने की घेराबंदी की थी। तीन घरों में छापेमारी कर आतंकी मिहनाज और उसका दाहिना हाथ शाहिद को दबोचा था।


कहां कहां कनेक्शन और कैसे बढ़ रही जांच


आतंकियों का दिल्ली कनेक्शन पाया गया है। आशंका है कि मिनहाज व मुशीर या फिर इनसे जुड़े आतंकी दिल्ली में भी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।


जांच एजेंसी ने ये जानकारी दिल्ली पुलिस से साझा की है। पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने तफ्तीश शुरू की है। एक टीम लखनऊ भी पहुंची है। अभी एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अपने-अपने स्तर से जांच करेगी। आतंकियों और उनके मददगारों की धरपकड़ और तेज होगी। बाद में पूरा केस एनआईए को ट्रांसफर किया जा सकता है।


टीम स्टेट टुडे


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