लखनऊ, 20 अप्रैल 2022 : भ्रष्टाचार के प्रतिजीरो टालरेंस कीनीति के तहतमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने तहसील प्रशासनको जिम्मेदार, पारदर्शीव भ्रष्टाचार मुक्तबनाने का निर्देशदिया है। उन्होंनेकहा है कितहसील प्रशासन केभ्रष्टाचार की शिकायतोंको प्राप्त करनेके लिए अलगपोर्टल विकसित किया जाए।साथ ही, इसकेतहत 50 अधिकारियों का एकपैनल बनाया जाएजो भ्रष्टाचार कीशिकायतों की जांचकरेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने बुधवार कोग्राम्य विकास सेक्टर सेजुड़े विभागों कीकार्ययोजनाओं के प्रस्तुतीकरणके दौरान राजस्वविभाग के संदर्भमें यह निर्देशदिया। मुख्यमंत्री नेकहा कि बीडीओ, तहसीलदार व एसडीएमअपने तैनाती स्थलपर ही निवासकरें। यदि उनकेपास सरकारी आवासहो तो ठीकअन्यथा किराये के मकानकी व्यवस्था करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने अवैध कब्जेके खिलाफ सरकारके अभियान कोजोरदार तरीके से जारीरखने की हिदायतदी। यह कहतेहुए कि जमीनसरकारी हो याकि निजी, अवैधकब्जे करने वालोंके खिलाफ बिनाभेदभाव के कठोरतमकार्रवाई की जाए।गांवों में यहबड़े विवाद काकारण है। इससेकड़ाई से निपटाजाए। गोचर भूमिपर भी अवैधकब्जों को पड़तालकर कार्रवाई कीजाए।
सीएम योगीआदित्यनाथ ने राजस्वविभाग को आवेदनके 15 दिनों केअंदर जाति प्रमाणपत्र जारी करनेकी व्यवस्था सुनिश्चितकराने के लिएकहा। नवजात शिशुओंको जन्म प्रमाणपत्र के साथजाति प्रमाण पत्रउपलब्ध कराने की व्यवस्थाकरने के लिएभी कहा।
उन्होंने कहा कितय सीमा सेअधिक भूमि खरीदनेकी अनुमति केलिए आनलाइन आवेदनकी व्यवस्था होनीचाहिए। सभी प्रकारके सर्टिफिकेट औरवाद दायर करनेकी आनलाइन व्यवस्थाकरने का भीनिर्देश दिया। उन्होंने कहाकि अभियान चलाकरनिर्विवाद वरासत के सभीमामलों में वरासतदर्ज कराई जाए।पैमाईश के लिएई-फाइलिंग कीव्यवस्था की जाए।
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